नसीमखान लाइव खबर इंडिया, सांची
सांची। नगरभर में इन दिनों आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते दिखाई दे रहे हैं। इन कुत्तों में कौन पालतू है, कौन आवारा और कौन बीमार या पागल है, यह पहचान पाना मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि आमजन पर इनके हमले का खतरा लगातार मंडरा रहा है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से अभी तक किसी ठोस कार्ययोजना का अभाव है।
जानकारी के अनुसार, नगर के विभिन्न मोहल्लों और मार्गों पर कुत्तों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। आए दिन इनके बीच भिड़ंत और भौंकने-लपकने की घटनाएँ आम हो गई हैं। कई कुत्ते बीमारियों से भी ग्रस्त दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में राहगीरों, विशेषकर बच्चों के लिए यह कुत्ते गंभीर खतरा बन चुके हैं। सोशल मीडिया पर बच्चों पर कुत्तों के हमले के वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत व्याप्त है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ये आवारा कुत्ते सिर्फ मोहल्लों और सड़कों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकारी कार्यालयों और पुरातत्व क्षेत्र तक में निडर घूमते नजर आते हैं, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक आते हैं। विदिशा और भोपाल जैसे बड़े शहरों में जहाँ कुत्ते पकड़ने के अभियान चल रहे हैं, वहीं सांची जैसे ऐतिहासिक स्थल पर प्रशासन मौन साधे हुए प्रतीत होता है।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही कुत्तों पर नियंत्रण की कार्यवाही नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ी अनहोनी हो सकती है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन आवारा कुत्तों के कारण घटने वाली किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?






