नसीमखान सांची
सांची,,
ऐतिहासिक नगर सांची में आवारा कुत्तों का जमावड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर के मुख्य चौक-चौराहों, सरकारी दफ्तरों और पर्यटक स्थलों पर कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते देखे जा सकते हैं। स्थिति यह है कि अब यह पहचानना भी मुश्किल हो गया है कि कौन से कुत्ते पालतू हैं और कौन आवारा।
हर दिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक और स्कूली बच्चे इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचते हैं, लेकिन नगर में फैले आवारा कुत्तों की भरमार उनके लिए खतरा बनी हुई है। कई बार इन कुत्तों के आपसी झगड़ों से अफरा-तफरी मच जाती है। बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल कायम है।
जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व अन्य शहरों में कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया गया था, परंतु सांची में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न तो नगर परिषद और न ही पशु चिकित्सा विभाग इस दिशा में कोई कदम उठा रहे हैं। आवारा कुत्तों पर लगाम कसने वाले विभाग लगातार उदासीनता बरत रहे है
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन तब तक नहीं जागेगा जब तक कोई गंभीर हादसा न हो जाए। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
नगरवासियों ने मांग की है कि समय रहते आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।तथा नगर वासियों एवं देशीविदेशी पर्यटक सुरक्षित रह सके। आज भी आवारा कुत्तों से न तो यह नगर अछूता रहा है न ही कोई सरकारी दफ्तर ।वैसे नगर पूरी तरह पहले से ही आवारा पशुओं की जकड मे जकडा हुआ है कब कुत्तों ने भी अपना जमावड़ा लगा लिया है ।






