खेत में पहुंचकर कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने देखी पराली प्रबंधन तकनीक।

नसीमखान सांची, रायसेन


कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने बेलर मशीनयुक्त ट्रेक्टर पर बैठकर देखी धान बेल बनाने की प्रक्रिया
रायसेन जिले में पराली प्रबंधन जागरूकता अभियान, पराली प्रबंधन में मुक्त सहयोग करेगी निजी संस्था

रायसेन,
जिले में पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा के निर्देशानुसार खेतों में पराली (नरवाई) नहीं जलाने हेतु किसानों को जागरूक करने तथा पराली के उचित प्रबंधन हेतु अभियान के रूप में कार्य किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा पराली (नरवाई) के प्रति जागरूक कर उसके विकल्प बताएं जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा तथा पुलिस अधीक्षक श्री पंकज कुमार पाण्डे सोमवार को ग्राम रतनपुर पहुंचे, जहां जिले में चौपाल बायोधन केन्द्र सेंटर (आईटीसी) के शुभारंभ अवसर पर पराली (नरवाई) प्रबंधन की बेलर मशीन का प्रदर्शन करके दिखाया गया।
कलेक्टर श्री विश्कवर्मा द्वारा रतनपुर के नजदीकी ग्राम अल्ली, बनगंवा में खेतों में जाकर पराली प्रबंधन अंतर्गत बेलर मशीनयुक्त ट्रेक्टर पर बैठकर धान बेल को बनाते हुए अवलोकन किया गया। संस्था द्वारा कृषकों के खेत में धान फसल कंबाइंड हार्वेस्टर से कटाई उपरांत बेलर मशीन द्वारा धान के खेत में बिखरी पराली को एकत्र कर बेल निःशुल्क बनाई जाती है। जिसका उपयोग संपीडित बायो गैस (सीबीजी) बनाने के रूप में किया जाएगा।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने नरवाई प्रबंधन को देखकर अन्य कृषकों को भी इस प्रकार बेलर मशीन का उपयोग कर नरवाई प्रबंधन करने की अपील की है। जिससे प्रकृति की रक्षा, प्रदूषण का बचाव एवं खेत की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी। पराली जलाने से मिटटी की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है और उत्पन्न जहरीली गैसों से मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पडता है। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री अंकित कुमार जैन तथा श्री कुलदीप पटेल, उप संचालक कृषि श्री केपी भगत, आईटीसी के सेंट्रल जनरल मैनेजर श्री प्रमोद उपाध्याय, चैनल मैनेजर श्री अभिषेक शर्मा, आईटीसी रायसेन संयोजक श्री मनोज सोनी, सभी एफपीओ डायरेक्टर और जिले के प्रगतिशील किसान भाई उपस्थिति रहे।

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