नसीमखान सांची, रायसेन
रायसेन,
गांव को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की सड़कें बनने से ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुगम होने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं! इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक-आर्थिक विकास के द्वार खुले हैं। रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज विकासखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 309.45 लाख रूपए लागत से तामोट से एकलवाड़ा तक 5.99 किमी पक्के सड़क मार्ग के बनने से पांच से अधिक गॉवों के लगभग चार हजार ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हुई और विकास के नए द्वार भी खुले हैं। इस सड़क मार्ग में 09 पुल-पुलियों का निर्माण भी किया गया है।
औबेदुल्लागंज विकासखण्ड में तामोट से एकलवाड़ा तक मार्ग की स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी होती थी। ग्रामीणों की समस्या को दूर करने एकलवाडा, उदयपुर, धाना मुहासा, सिंहपुर और मुढ़ा, कुमढ़ी गांवों को पक्क सड़क मार्ग से जोड़ने परियोजना में शामिल किया गया। इस सड़क में 3000 से 3700 मीटर के मध्य पठारी वन क्षेत्र है जो पहले बहुत खतरनाक खड़ी ढलान वाला मार्ग था, जिससे दुर्घटनाएं होती रहती थीं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले घाट के कारण बड़े वाहनों का आना-जाना कठिन था। फसलों के लिए आवश्यक सामान, उर्वरक आदि का परिवहन भी कठिन था।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर ग्राम तामोट से एकलवाड़ा 5.99 किलोमीटर में एक शासकीय अपताल, हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल तथा वन क्षेत्र से होकर गांवों को जोड़ती हुई सड़क मार्ग को स्वीकृति मिली। यह मार्ग अक्टूबर 2025 में बनकर तैयार हो गया जिससे गांव के बच्चों, किसानों, ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हुइ। इस पक्के सड़क मार्ग के बनने से लगभग चार हजार से अधिक ग्रामीण सीधे लाभान्वित हुए है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के निर्माण में कृषि, व्यापार, अस्पताल, स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं आमजन के जीवन तक पहुंच रही हैं और उनके जीवन में आर्थिक व सामाजिक उन्नति हो रही है। ग्रामीणजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि पक्के सड़क मार्ग से गांव में माल और वाहनों की आवाजाही आसान हुई है, जिससे बाजार तक पहुंच बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है, रोजगार के नवीन अवसर भी पैदा हुए हैं। इसके साथ ही स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच आसान होने से ग्रामीण बच्चों और परिवारों को बेहतर सुविधाएं भी मिल रही हैं।






