नसीमखान
रायसेन,
शुक्रवार को प्रधान जिला न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री अनिल कुमार सोहाने द्वारा जिला जेल रायसेन का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अनिल कुमार सोहाने द्वारा जेलों के लिए बनाए गए या जारी किए गए सभी नियमों, विनियमों, निर्देशों और आदेशों का पालन विधिवत किया जा रहा है तथा उन्हें लागू किया जा रहा है या नहीं, इस संबंध में निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान जिला जेल में संचालित लीगल एड क्लीनिक एवं पुरुष एवं महिला बैरकों का भी निरीक्षण कर बंदियों को प्राप्त होने वाली मूलभूत सुविधाएं यथा रसोई घर, पीने के पानी, बैरकों में साफ-सफाई, बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं, भोजन व्यवस्था इत्यादि का भी जायजा लिया गया व आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए।
निरीक्षण के दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि जेल में कुल 186 दंडित एवं विचाराधीन बंदी निरुद्ध हैं जिनमें से 170 पुरुष एवं 16 महिलाएं हैं जबकि जेल में बंदियों हेतु क्षमता 150 बंदियों की हैं। जेल में क्षमता से अधिक बंदी निरूद्ध है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही किए जाने के लिए जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान दो बंदी ऐसे पाये गये जिनकी प्रकरणों में अधिवक्ता उपलब्ध नहीं थे। जिस पर तत्काल जेल लीगल एड क्लीनिक नामांकित पैरालीगल वालेंटियर्स के माध्यम से नियमानुसार आवेदन पत्र लिया जाकर उन्हें निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराये जाने की कार्यवाही की गयी। बंदियों से पृथक-पृथक व्यक्तिगत रूप से उनकी समस्याओं को जाना और निःशुल्क विधिक सहायता योजना के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश सहित श्रीमती हर्षिनी यादव न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन, श्री अनीस उद्दीन अब्बासी जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्री आरके चौरे जेल अधीक्षक, श्री विनय खरे डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स (न्याय रक्षक) एवं श्री शुभम मालवीय असिस्टेंट एलएडीसीएस (न्याय रक्षक) उपस्थित रहे।






