पानी की कमी से निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर असर

नसीमखान
सांची: पानी की कमी के कारण सांची नगर में निर्माण कार्यों की गति तो तेज हो रही है, लेकिन इसके साथ ही गुणवत्ता में गिरावट आने का खतरा भी बढ़ गया है। जहां एक ओर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर विकास कार्यों को गति दे रही है, वहीं दूसरी ओर गर्मी के मौसम में पानी की भारी कमी के चलते नागरिकों को पीने के पानी के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। तथा दो दिन में एक बार पानी मिल पा रहा है इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्र का तो और बुरा हाल बना हुआ है लोगो को पानी के लिए यहाँ वहां भटकने पर मजबूर होना पड रहा है
जानकारी के अनुसार इन दिनों नगर भर में विकास की रफ्तार तेज हो गई है इन निर्माण में सडकों, नालों और भवनों के निर्माण में पानी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, खासकर सीमेंट के निर्माण में। वर्तमान में पानी की आपूर्ति की समस्या के कारण निर्माण कार्यों में आवश्यक गुणवत्ता नहीं मिल पा रही है। निर्माण सामग्री में पानी की कमी सीमेंट की मजबूती और निर्माण की स्थायित्व को प्रभावित कर रही है, जिससे दीर्घकालिक परिणामों पर बुरा असर पड़ सकता है।तथा इन होने वाले निर्माण तराई न होने से गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पडने की संभावना भी बढ गई हैं इस गंभीर समस्या से प्रशासन बेखबर बना हुआ है
इसके बावजूद, इस समस्या पर संबंधित अधिकारियों और तकनीशियनों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों में इस संकट को हल करने के लिए कुछ जरूरी तकनीकी उपायों की आवश्यकता है ताकि गुणवत्ता बनी रहे और नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। तब इन निर्माणों को लेकर पानी की किल्लत को देखते हुए सम्बंधितो को निर्माणों की गुणवत्ता की कम अपनी जेबें गरम करने की ज्यादा चर्चाएं चल रही है ऐसी कडकडाती गर्मी में निर्माण की गति तो जोर पकड़ रही है परन्तु इन निर्माण में पानी अपनी अहम भूमिका निभाने में पर्याप्त नहीं होने की चर्चा नगर भर मे चर्चित हो उठी हैं जिसका खामियाजा निर्माणों को अपनी गुणवत्ता खोकर भुगतना पड़ सकता है ।
कुल मिलाकर, जब तक जल संकट पर प्रभावी समाधान नहीं निकलता, तब तक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहेंगे और विकास की गंगा बहने के बावजूद सांची की समस्याओं का शीध्र समाधान न होने की कोई उम्मीद दिखाई दे रही है तथा इस कडकडाती गर्मी में तेज गति से होने वाले निर्माणों पर सवाल खड़े होते रहेंगे।

  • editornaseem

    Related Posts

    ऐतिहासिक नगरी सांची में बिजली अव्यवस्था, भीषण गर्मी में लोग बेहाल।आंखमिचौली बनी बड़ी समस्या, जल प्रदाय से लेकर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तक प्रभावित

    नसीमखान सांचीसांची:विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी सांची इन दिनों बिजली की बदहाल व्यवस्था से जूझ रही है। लगातार हो रही बिजली की आंखमिचौली ने नगरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। भीषण…

    बिजली बकाया वसूली अंतिम चरण में, लक्ष्य से पीछे रहा मंडल।

    नसीमखान सांची बकायादारों को नोटिस जारी, भुगतान न होने पर कनेक्शन काटने की तैयारी। सांची,,, क्षेत्र में विद्युत मंडल द्वारा बकाया राशि वसूली अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ऐतिहासिक नगरी सांची में बिजली अव्यवस्था, भीषण गर्मी में लोग बेहाल।आंखमिचौली बनी बड़ी समस्या, जल प्रदाय से लेकर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तक प्रभावित

    ऐतिहासिक नगरी सांची में बिजली अव्यवस्था, भीषण गर्मी में लोग बेहाल।आंखमिचौली बनी बड़ी समस्या, जल प्रदाय से लेकर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तक प्रभावित

    बिजली बकाया वसूली अंतिम चरण में, लक्ष्य से पीछे रहा मंडल।

    बिजली बकाया वसूली अंतिम चरण में, लक्ष्य से पीछे रहा मंडल।

    पांव से लाचार, मगर हौसला बुलंद—पक्षियों की प्यास बुझाने में जुटे रतन लाल जायसवाल।घुटनों की गंभीर बीमारी के बावजूद नगर में जगह-जगह जलपात्र टांगकर दे रहे मानवीय संवेदना का संदेश।

    पांव से लाचार, मगर हौसला बुलंद—पक्षियों की प्यास बुझाने में जुटे रतन लाल जायसवाल।घुटनों की गंभीर बीमारी के बावजूद नगर में जगह-जगह जलपात्र टांगकर दे रहे मानवीय संवेदना का संदेश।

    नम आंखों हजारों की भीड़ ने महाकाली को दी विदाई,

    नम आंखों हजारों की भीड़ ने महाकाली को दी विदाई,

    पुलिया निर्माण में बड़ा घोटाला! फर्जी बिलों से राशि आहरण के आरोप।साइकिल-हार्डवेयर दुकानों के नाम पर रेत-गिट्टी के बिल, जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं

    पुलिया निर्माण में बड़ा घोटाला! फर्जी बिलों से राशि आहरण के आरोप।साइकिल-हार्डवेयर दुकानों के नाम पर रेत-गिट्टी के बिल, जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं

    पश्चिमी देशों के युद्ध की आंच सांची तक, गैस और ईंधन को लेकर बढ़ी चिंता।अफवाहों और आपूर्ति की आशंकाओं के बीच उपभोक्ता और वाहन चालक हो रहे परेशान

    पश्चिमी देशों के युद्ध की आंच सांची तक, गैस और ईंधन को लेकर बढ़ी चिंता।अफवाहों और आपूर्ति की आशंकाओं के बीच उपभोक्ता और वाहन चालक हो रहे परेशान