परीक्षा के बीच शादियों का शोर, गाइडलाइन के बावजूद गूंज रहे डीजेरात 10 बजे की समय-सीमा के आदेश। छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर।

नसीमखान सांची
सांची,,,इन दिनों नगर में शादी-ब्याह का मौसम चरम पर है। जगह-जगह शादी गार्डन भरे हुए हैं और बैंड-बाजों व डीजे की धुनों पर युवक-युवतियां थिरकते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही तेज आवाज में आतिशबाजी से भी नगर देर रात तक गूंज रहा है। इतना ही नहीं बाहरी लोग भी इस ऐतिहासिक स्थल से शादी ब्याह करते दिखाई दे जाते है।
इधर स्कूली छात्र-छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। ऐसे में देर रात तक बजने वाले डीजे और ऊंची ध्वनि विस्तार यंत्रों की आवाज विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा बन रही है। न्यायालय द्वारा ध्वनि विस्तार यंत्रों के लिए गाइडलाइन जारी की जा चुकी है और जिला कलेक्टर द्वारा भी परीक्षाओं के मद्देनजर तेज ध्वनि पर प्रतिबंध के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का प्रभाव नजर नहीं आ रहा।
तेज ध्वनि का प्रभाव केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल पड़ता है। लगातार उच्च ध्वनि स्तर से मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
इस संबंध में सांदीपनि विद्यालय सांची के प्राचार्य अनिल दीक्षित ने कहा कि, “इन दिनों छात्रों की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। शादी-ब्याह में ध्वनि विस्तार यंत्रों के अत्यधिक उपयोग से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। सालभर की मेहनत पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। ध्वनि यंत्रों के उपयोग की स्पष्ट समय-सीमा तय कर उसका सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।”
वहीं थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी ने बताया, “उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार रात 10 बजे के बाद डीजे व लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध है। सभी संचालकों को पूर्व में निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।”
नगरवासियों का मानना है कि उत्सवों की खुशियां अपनी जगह हैं, लेकिन छात्रों के भविष्य और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

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