,,झीरम घाटी की 25 तारीख श्रद्धांजलि दिवस मनाई जाएगी
झीरम कांड में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों की नक्सलियों ने गोलियों से भून कर मार डाला था जो 10 साल पूरे होने को है।
फिर भी इसकी जांच नहीं हो पाई मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एस,आई,टी ,गठित कर जांच के आदेश दिए थे,
एवं फाइल मंगाई गई थी ।मगर भाजपा के द्वारा इसकी निष्पक्ष जांच में एनआई,सी नहीं दी जा रही। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा जब हम एस,आई,टी गठित कर दिए हैं तो भाजपा को कोर्ट जाने की क्या जरूरत पड़ी .।
इसका मतलब भाजपा सच्चाई को सामने आने देना नहीं चाहती इसीलिए भाजपा हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट चली जाती है और सबसे चर्चित झीरम कांड को निष्पक्ष जांच होने नहीं दे रही जांच में रुकावट पैदा कर मामले को दबाने का प्रयास कर रही है इसीलिए अभी तक झीरम घाटी कांड जिसमें विद्याचरण शुक्ल महेंद्र कर्मा गृह मंत्री,नंद कुमार पटेल एवं उनके बेटे को गोलियों से भून कर मौत की नींद सुला दिया ।
छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा नक्सली हमला था जिसमें कांग्रेश के 11 दिग्गज नेता शहीद हो गए थे इसमें किसका हाथ था यह तो निष्पक्ष जांच जब तक नहीं हो जाता सच्चाई सामने आना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। अब जबकि 25 मई ,तारीख को इसकी भूपेश बघेल सरकार शहीद दिवस के रूप में मनाई जाएगी ।
इस मौके पर जरूरी था कि आरोपियों को पहचान कर सजा दिलाई जा सकती।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि तत्कालीन अफसर दो तीन लोगों को पूछताछ कड़ाई से की जाए तो सामने खुद-ब-खुद सच्चाई आ जाएगी ।
परिवर्तन यात्रा कांग्रेस के द्वारा जो चलाई जा रही थी, जिसमें सुरक्षा को भी कटौती कर दी गई थी। सुरक्षा में कटौती करना जानबूझकर कैसा किया गया या सोची-समझी कुछ साजिश के तहत किया गया यह तो अभी घर हम हैं जिसकी पर्दे पर क्या चल रहा है पर्दे के पीछे क्या है इसका खुलासा जल्द होनी चाहिए। ताकि आम जनता में शांत प्रदेश में अशांति फैलाने वाले लोगों पर एवं उस आरोपी को सजा दिलाई जा सके। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक्शन मूड में आ गए हैं,
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब हम एसआईटी गठित कर दिए हैं, तो भाजपा को कोर्ट जाने की क्या जरूरत पड़ी। क्या भाजपा निष्पक्ष जांच नहीं चाहती । तत्कालीन अफसरों से दो-तीन लोगों को पूछताछ की जाए तो सच्चाई खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी।








