भीषण गर्मी में सौर ऊर्जा से संचालित प्याऊ बनी लोगों के लिए मुसीबत — सांची में ठंडे पानी की व्यवस्था नदारद।

नसीमखान
सांची ..
विश्व धरोहर स्थलों में शामिल ऐतिहासिक नगर सांची, जहां देश-विदेश से पर्यटक सालभर दर्शन हेतु आते हैं, आजकल भीषण गर्मी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का शिकार बना हुआ है। नगर परिषद द्वारा लाखों की लागत से सौर ऊर्जा से संचालित प्याऊओं की स्थापना की गई थी, ताकि स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को गर्मी में ठंडा पेयजल मिल सके। लेकिन हालात इसके उलट हैं।
गर्मियों की तपिश में जब लोग इन प्याऊओं से राहत की उम्मीद लेकर पहुँचते हैं, तो वहाँ से गर्म उबला हुआ पानी निकलता है, जिसे पीना तो दूर, हाथ धोने लायक भी नहीं माना जा सकता। सौर ऊर्जा से संचालित ये प्याऊ अब ठंडक देने की बजाय गर्मी बढ़ाने का काम कर रही हैं।इतना ही नहीं पहले नगर परिषद प्रशासन लोगों को ठंडा पानी गर्मी में उपलब्ध कराने जगह जगह ठंडे मटके रखकर सुविधा उपलब्ध कराता रहा है परन्तु जबसे सौर ऊर्जा प्याऊ का माध्यम बना तबसे स्थानीय प्रशासन ने भी अपने हाथ पीछे खींचने में देर नहीं की तथा इन प्याऊ के भरोसे गर्मी में लोगो को भगवान भरोसे छोड़ दिया ।इतना ही नहीं यहां आने वाले देशीविदेशी पर्यटकों को स्तूप प्रशासन भी ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो चुका है इन गर्मी की गंभीर समस्या से इस नगर की छवि खराब होने लगी है ।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ये प्याऊ केवल नाम की शीतल जल सुविधा बनकर रह गई हैं। “हम यहाँ ठंडा पानी पीने आते हैं, लेकिन यहाँ तो और ज़्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। न ठंडा पानी है, न प्रशासन की कोई सुध,” एक दुकानदार ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा।
नगर परिषद की उदासीनता पर भी सवाल उठने लगे हैं। भीषण गर्मी में पीने के ठंडे पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। ऐसे में न केवल नागरिकों को, बल्कि सांची आने वाले पर्यटकों को भी काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग द्वारा लगाई गई प्याऊओं पर खर्च हुए लाखों रुपये अब अर्थहीन प्रतीत हो रहे हैं। तकनीकी खामियों और देखरेख की कमी के कारण ये प्याऊ जनसुविधा की बजाय जनपीड़ा का कारण बन गई हैं।
जरूरत है कि नगर प्रशासन तत्काल संज्ञान ले और ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि सांची जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आने वाले लोगों की छवि और अनुभव दोनों सकारात्मक बने रहें। तथा लोगों को इस भीषण गर्मी में ठंडा पानी उपलब्ध हो सके। इस मामले में क्या कहते है लोग।।
इन प्याऊ मे गर्म पानी निकल रहा है हम गांव वालों की कैसे प्यास बुझेगी ।दौलतसिंह खामखेड़ा
भैया ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा क्या करें ।रामबाई रायसेन
हम बाजार करने सब्जी दुकान लगाने आये हैं मगर यहां गर्म पानी पीने पर मजबूर होना पड रहा है ।हरीराम

  • editornaseem

    Related Posts

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    नसीमखान सांची माध्यमिक स्तर तक शिक्षा निःशुल्क, उच्च कक्षाओं में विभिन्न मदों के शुल्क से बढ़ी चर्चा; विद्यालय प्रबंधन ने दी सफाईसांची,,,नगर के सांदीपनि शासकीय विद्यालय में कक्षा 9 से…

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    नसीमखान सांची, रायसेनसांची,,,नगर सहित आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित हो रहा था। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    सांदीपनि शासकीय विद्यालय में शुल्क व्यवस्था पर उठे सवाल, अभिभावकों ने जताई चिंता

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    अचानक बदले मौसम ने दी राहत, झमाझम बौछारों से गर्मी का असर हुआ कम।लंबे इंतजार के बाद मौसम ने ली करवट, किसानों के साथ आमजन के चेहरों पर लौटी राहत

    खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान, डिजिटल व्यवस्था बनी नई परेशानी।सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों की बढ़ी चिंता, आगामी फसल तैयारी प्रभावित होने की आशंका

    खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान, डिजिटल व्यवस्था बनी नई परेशानी।सर्वर और नेटवर्क की समस्या के कारण समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों की बढ़ी चिंता, आगामी फसल तैयारी प्रभावित होने की आशंका

    बेधड़क दौड़ते वाहन, अव्यवस्थित यातायात और बढ़ती चिंता—सांची में व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

    बेधड़क दौड़ते वाहन, अव्यवस्थित यातायात और बढ़ती चिंता—सांची में व्यवस्था पर उठने लगे सवाल

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    सांची के बेसहारों को मिला सहारा, ‘अपना घर आश्रम’ ने बढ़ाया मानवीय सहयोग का हाथ

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

    पांव से मोहताज, फिर भी योग के प्रति उत्साह कम नहीं — पूर्व पार्षद ने घर पर किया योगाभ्यास।घुटनों की बीमारी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश