परंपरा को तोड़ते हुए पांच बहनों ने मिलकर अपने पिता को मुखाग्नि दिया

लोकेशन जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
दिलेसर चौहान ,संवाददाता
डबरा ब्लॉक के ग्राम बघाउद में विष्णु बंजारे का हृदयाघात के कारण आकस्मिक मृत्यु हो गया।
उनका एक पुत्र है फिर भी हिंदू धर्म में पुत्र के द्वारा ही पिता को मुखाग्नि दिया जाता है ,
उस परंपरा को दौड़ते हुए उसके पांचो बेटियों ने एक साथ मुख अग्नि देखकर श्रद्धांजलि एवं परंपरा को निभाया।

जया ,ललिता, फुल कुमार, रंजीता, यशिका पांचों बहनों ने अपने पिता के अर्थी के साथ चलते हुए मुक्तिधाम में पहुंचकर अपने पिता को अंतिम विदाई दी।
हिंदू सामाजिक रीति रिवाज के परंपरा को धत्ता बताते हुए कहा कि, पुत्री भी अपने पिता को मुखाग्नि देकर उनकी आत्मा को परमात्मा में विलीन कर सकता है ।ऐसा सौभाग्य पुत्रियों को भी मिलनी चाहिए।
उनके पिता की अंतिम इच्छा को हम पांचों बहनों में पूरा कर बहुत ही हम अपने आप को भाग्य एवं खुशनसीब समझ रहे ।

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